समाचार पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें

प्रधानमंत्री बीमा सखी योजना में भर्ती प्रारंभ

Image
➡️J oin LIC as WOMAN CAREER AGENT at LIC OF INDIA and   earn attractive comission income , Bonus and other benefits on every LIC POLICY you complete .  Job involves, selling of LIC POLICY to the customers. Training and support will be given. यदि आप न्यूनतम हाई स्कूल पास हैं और अपनी आय बढ़ाना चाहती हैं तो भारतीय जीवन बीमा निगम में लेडी केयर एजेंट बनकर अपने-सपने साकार कर सकती हैं । 👉🏿Click to Apply   पंचायत/ वार्ड स्तर पर LIC दीदी ( बीमा सखी / फीमेल LCA ) की भर्ती 🪷🪷🪷🪷🪷 ➡️ मानदेय + कमीशन + बोनस + अन्य लाभ अतिरिक्त ➡️3 वर्ष बाद सरकारी नौकरी के लिए आरक्षण 👉🏿आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष  ✅न्यूनतम योग्यता हाई स्कूल होना अनिवार्य ✅कोई ड्यूटी नहीं, कोई समय की बाध्यता नहीं, स्वतंत्र करियर  ✳️✳️✳️✳️✳️ अधिक जानकारी के लिए अति शीघ्र संपर्क करें -        डॉ. सर्वेश सुधाकर        विकास अधिकारी    Call: 9927292925 ➡️आवेदन हेतु क्लिक करें LIC of India | LIC Recruitment | LIC agent Bharti | Insurance company | ब...

14 मई 2021

 
👉शरीर पर गाय का गोबर लगाने से नहीं मिलेगी कोरोना से सुरक्षा! 
क्या गाय के गोबर लगाने से कोरोना से सुरक्षा मिल जाएगी? इस पर डॉक्टरों की प्रतिक्रिया आई है। गुजरात में डाक्टरों ने तथाकथित गाय के गोबर से उपचार के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा है कि शरीर पर गाय के गोबर का लेप लगाने से कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा नहीं मिलेगी बल्कि इससे म्यूकोरमाइकोसिस समेत दूसरी तरह के संक्रमण हो सकते हैं। दरअसल, लोगों का एक समूह यहां श्री स्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्या प्रतिष्ठानम (एसजीवीपी) द्वारा संचालित गौशाला में उपचार लेने जा रहा है और उनका मानना है कि इससे कोविड-19 के खिलाफ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। 
एसजीवीपी के पदाधिकारी ने कहा कि इस गौशाला में 200 से ज्यादा गाय हैं। उन्होंने कहा कि बीते एक महीने से करीब 15 लोग हर रविवार यहां शरीर पर गाय के गोबर और गोमूत्र का लेप लगवाने आते हैं। बाद में इसे गाय के दूध से धो दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह उपचार लेने वालों में कुछ अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी और दवा की दुकानों पर काम करने वाले लोग हैं। डॉक्टर हालांकि इसे प्रभावी नहीं मानते हैं। 
गांधीनगर स्थित भारतीय जन स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. दिलीप मावलंकर ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि यह उपचार क्या वास्तव में लोगों की मदद करेगा? मेरे सामने अब तक ऐसा कोई शोध नहीं आया है जिससे यह संकेत मिले कि शरीर पर गोबर लगाने से कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।' 
भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की महिला शाखा की अध्यक्ष और शहर की एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोना देसाई ने इस उपचार को 'पाखंड और अप्रमाणित' बताया।  उन्होंने कहा, 'उपयोगी साबित होने के बजाए गाय के गोबर से आपको म्यूकोरमाइकोसिस समेत दूसरे संक्रमण हो सकते हैं।'

Comments